आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, कहा- ‘जय जगत’ का संदेश मानवता को सर्वोच्च स्थान देता है
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने कहा कि उनका ‘जय जगत’ का संदेश सीमाओं से परे था और मानवता को सर्वोच्च स्थान देता था। उन्होंने विनोबा भावे के समानता, सम्मान और सेवा के विचारों को भी याद किया।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज सुधारक और गांधीवादी विचारक आचार्य विनोबा भावे की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पीएम मोदी ने कहा कि विनोबा भावे का ‘जय जगत’ का विचार किसी सीमा तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें पूरी मानवता के कल्याण की भावना निहित थी।
सभी के कल्याण और सशक्तिकरण पर दिया जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि आचार्य विनोबा भावे ने अपने जीवन और विभिन्न सामाजिक प्रयासों के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए काम किया। उनके विचारों ने सामाजिक बदलाव, सेवा और वंचित वर्गों के उत्थान की दिशा में लोगों को प्रेरित किया।
पीएम मोदी ने कहा कि विनोबा भावे के विचार आज भी समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और सम्मान के लिए प्रासंगिक हैं। उन्होंने अपने कार्यों के जरिए समानता और सामाजिक न्याय की भावना को मजबूत करने का प्रयास किया।
समानता और सेवा को माना महत्वपूर्ण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आचार्य विनोबा भावे के समानता, सम्मान और सेवा के प्रति समर्पण को भी याद किया। उन्होंने कहा कि समाज के सबसे अधिक वंचित लोगों के प्रति विनोबा भावे की संवेदनशीलता ने उन्हें सशक्त बनाने और मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
विनोबा भावे का जीवन सादगी, सेवा और सामाजिक परिवर्तन के प्रति समर्पण का उदाहरण माना जाता है। उनके विचारों में मानव कल्याण और सामाजिक समानता को विशेष महत्व दिया गया।
एक्स पर पोस्ट कर दी श्रद्धांजलि
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए आचार्य विनोबा भावे को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि विनोबा भावे का ‘जय जगत’ का आह्वान सीमाओं से आगे बढ़कर पूरी मानवता को केंद्र में रखता था।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में विनोबा भावे के सामाजिक प्रयासों और उनके समानता, सम्मान तथा सेवा के प्रति विश्वास को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यों ने समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ने की ताकत दी और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का रास्ता तैयार किया।
आचार्य विनोबा भावे के विचार आज भी सामाजिक समानता, सेवा और मानव कल्याण के क्षेत्र में प्रेरणा का स्रोत बने हुए हैं।
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