Global Fintech Festival 2026: सिंधिया बोले- पहले समावेशी बने डिजिटल वित्त, फिर हो ‘इंटेलिजेंट’ सिस्टम

मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने समावेशी, सुरक्षित और भरोसेमंद डिजिटल वित्तीय व्यवस्था की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने UPI, 5G, AI और 6G को भारत के डिजिटल फाइनेंस के विस्तार का अहम आधार बताते हुए कहा कि तकनीक का लाभ देश के हर नागरिक तक पहुंचना चाहिए।

Sep 11, 2026 - 11:59
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Global Fintech Festival 2026: सिंधिया बोले- पहले समावेशी बने डिजिटल वित्त, फिर हो ‘इंटेलिजेंट’ सिस्टम

केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने डिजिटल वित्तीय व्यवस्था को अधिक समावेशी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने पर जोर दिया है। मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 में उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रणाली को ‘इंटेलिजेंट’ बनाने से पहले यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि वह समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके।

सिंधिया ने दूरसंचार नेटवर्क को फिनटेक के विस्तार की बुनियाद बताते हुए कहा कि कनेक्टिविटी, कंप्यूटिंग क्षमता और भरोसा मिलकर डिजिटल वित्त की नई ‘डिजिटल ट्रिनिटी’ तैयार करते हैं।

एक दशक में इंटरनेट और ब्रॉडबैंड की पहुंच में बड़ा विस्तार

केंद्रीय मंत्री ने भारत के डिजिटल परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब एक दशक पहले लगभग 25 करोड़ लोगों के पास इंटरनेट की पहुंच थी, जो अब करीब 100 करोड़ तक पहुंच गई है। इसी अवधि में ब्रॉडबैंड एक्सेस भी लगभग 6 करोड़ से बढ़कर 103 करोड़ हो गया है।

उन्होंने कहा कि तकनीक की उपलब्धता केवल भारत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि दुनिया के हर हिस्से में लोगों तक डिजिटल सुविधाएं पहुंचाना जरूरी है।

स्मार्टफोन बना डिजिटल बैंकिंग का नया माध्यम

सिंधिया के मुताबिक स्मार्टफोन अब एक तरह से नई बैंक शाखा की भूमिका निभा रहा है। इसके माध्यम से लोग बैंकिंग, क्रेडिट, निवेश और अन्य वित्तीय सेवाओं तक आसानी से पहुंच पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भारत के लगभग 6.5 लाख गांवों को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर हर गांव को वैश्विक फिनटेक इकोसिस्टम का हिस्सा बनाया जा सकता है।

5G ने 26 महीने में 99.9% जिलों तक बनाई पहुंच

सिंधिया ने भारत में 5G के तेजी से विस्तार को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 में शुरू हुई 5G सेवा महज 26 महीनों में देश के 99.9 प्रतिशत जिलों तक पहुंच गई और करीब 85 प्रतिशत आबादी को कवर करने लगी।

उन्होंने बताया कि 5G नेटवर्क के विस्तार में 5 लाख से अधिक बेस स्टेशनों और करीब 4.5 लाख करोड़ रुपये के कैपेक्स निवेश की भूमिका रही है।

UPI बना डिजिटल भुगतान की ताकत

केंद्रीय मंत्री ने यूपीआई को भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर में यूपीआई पर एक महीने में करीब 90 हजार ट्रांजैक्शन होते थे, जबकि अब इसका नेटवर्क 740 से अधिक बैंकों तक पहुंच चुका है।

वित्त वर्ष 2025-26 में यूपीआई के जरिए करीब 24,162 करोड़ लेनदेन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग 314 लाख करोड़ रुपये रही। सिंधिया ने कहा कि यह बड़े पैमाने पर डिजिटल टेक्नोलॉजी को अपनाने की भारत की क्षमता को दर्शाता है।

रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट में भारत की बड़ी हिस्सेदारी

सिंधिया के अनुसार देश के भीतर होने वाले करीब 84 प्रतिशत डिजिटल ट्रांजैक्शन यूपीआई के माध्यम से होते हैं। वहीं, वैश्विक स्तर पर रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट वॉल्यूम में भारत की हिस्सेदारी करीब 49 प्रतिशत है।

उन्होंने कहा कि भारत का फिनटेक मॉडल इस बात का उदाहरण है कि तकनीक को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाकर वित्तीय सेवाओं को अधिक सुलभ बनाया जा सकता है।

9 देशों तक पहुंची UPI तकनीक

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत यूपीआई तकनीक को नौ देशों तक बिना किसी खर्च के पहुंचा रहा है। उन्होंने बताया कि इस मॉडल को आगे करीब 20 और देशों तक ले जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

खुले और सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

सिंधिया ने कहा कि डिजिटल वित्त की मजबूत व्यवस्था के लिए नेटवर्क का खुला, सस्ता और सुरक्षित होना जरूरी है। उनके अनुसार खुला इंफ्रास्ट्रक्चर इनोवेशन को बढ़ावा देता है, कम लागत समावेशन बढ़ाती है और सुरक्षा लोगों का भरोसा मजबूत करती है।

उन्होंने जन धन खातों और डिजिलॉकर का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक करीब 60 करोड़ जन धन खाते और डिजिलॉकर पर मौजूद लगभग 9 अरब दस्तावेज वित्तीय सेवाओं को लोगों के करीब ला रहे हैं।

पूर्वोत्तर के गांवों तक पहुंच रही कनेक्टिविटी

सिंधिया ने बताया कि डिजिटल भारत निधि के माध्यम से दूरसंचार कनेक्टिविटी से वंचित करीब 34 हजार गांवों में लगभग 22 हजार टावर लगाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य देश में मोबाइल और फिनटेक कनेक्टिविटी को अधिक व्यापक बनाना है।

उन्होंने फर्स्ट-माइल, मिडिल-माइल और लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने में ग्राम पंचायतों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया।

AI से व्यक्तिगत वित्तीय सेवाओं को बढ़ावा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब एआई क्षमता और कंप्यूटिंग पावर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जुड़ती है, तो वित्तीय सलाह और क्रेडिट जैसी सेवाओं को लोगों की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार तैयार किया जा सकता है।

हालांकि उन्होंने आगाह किया कि अधिक तकनीकी बुद्धिमत्ता के साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बढ़ती है। इसलिए डिजिटल वित्तीय व्यवस्था में मजबूत साइबर सुरक्षा और सुरक्षा उपाय जरूरी हैं।

संचार साथी और ASTR से साइबर सुरक्षा मजबूत

सिंधिया ने ‘संचार साथी’ पहल का जिक्र करते हुए कहा कि यह नागरिकों को संदिग्ध कनेक्शन से बचाने और चोरी हुए मोबाइल उपकरणों को ब्लॉक करने में मदद कर रही है।

उन्होंने एआई आधारित ‘ASTR’ टूल का भी उल्लेख किया और कहा कि इसकी मदद से 88 लाख से अधिक संदिग्ध मोबाइल कनेक्शन बंद किए गए हैं।

धोखाधड़ी रोकने के लिए प्रेडिक्टिव ट्रस्ट जरूरी

सिंधिया ने वित्तीय धोखाधड़ी को रोकने के लिए ‘Financial Fraud Risk Indicator’ जैसी व्यवस्था की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि ऐसी तकनीक संदिग्ध लेनदेन की पहचान कर धोखाधड़ी होने से पहले ही उसे रोकने में मदद कर सकती है।

उन्होंने वित्तीय सुरक्षा को केवल घटना के बाद प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था तक सीमित रखने के बजाय ‘रिएक्टिव सिक्योरिटी’ से ‘प्रेडिक्टिव ट्रस्ट’ की दिशा में ले जाने का आह्वान किया।

6G में वैश्विक भूमिका बढ़ाने का लक्ष्य

केंद्रीय मंत्री ने भारत के स्वदेशी 4G टेलीकॉम स्टैक को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि देश 5G के साथ-साथ 6G तकनीक पर भी काम कर रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत के 6G मिशन का लक्ष्य वैश्विक 6G पेटेंट में 10 प्रतिशत योगदान देना और भविष्य के 6G मानकों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना है।

‘डिजिटल इंडिया’ से ‘इंटेलिजेंट इंडिया’ की ओर

सिंधिया ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने देश में तकनीक और सेवाओं तक पहुंच को व्यापक बनाया है। अब अगला लक्ष्य ‘इंटेलिजेंट इंडिया’ बनाना है, जहां एआई और आधुनिक तकनीक का लाभ केवल बड़ी कंपनियों या वित्तीय संस्थानों तक सीमित न रहे, बल्कि आम नागरिक तक भी पहुंचे।

उन्होंने कहा कि भारत में नवाचार और सेवाओं को विकसित करने के साथ उन्हें दुनिया तक सुरक्षित तरीके से पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उनका जोर कनेक्टेड इंडिया से इंटेलिजेंट डिजिटल फाइनेंस और आगे एम्पावर्ड फाइनेंस की ओर बढ़ने पर रहा।

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