तमिलनाडु में पवन ऊर्जा उत्पादन 3.31% बढ़ा, जुलाई-अगस्त में रिकॉर्ड तेजी
तमिलनाडु में चालू वित्त वर्ष के पहले पांच महीनों में पवन ऊर्जा उत्पादन में 3.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। अप्रैल से अगस्त के बीच राज्य ने 10,446 मिलियन यूनिट बिजली पैदा की। जुलाई और अगस्त में तेज हवाओं के चलते उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी हुई, जिससे शुरुआती महीनों की गिरावट की भरपाई हो गई।
चेन्नई: तमिलनाडु में चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनों के दौरान पवन ऊर्जा उत्पादन में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विंड सीजन की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रहने के बावजूद जुलाई और अगस्त में तेज हवाओं के कारण उत्पादन में आई तेजी ने शुरुआती कमी की भरपाई कर दी।
तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन लिमिटेड के आंकड़ों के अनुसार, 1 अप्रैल से 31 अगस्त के बीच राज्य में 10,446 मिलियन यूनिट पवन ऊर्जा का उत्पादन हुआ। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 10,112 मिलियन यूनिट था। इस तरह कुल उत्पादन में करीब 3.31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हालांकि तस्वीर अलग रही। अप्रैल, मई और जून के दौरान पवन ऊर्जा उत्पादन पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले कम रहा। अप्रैल में करीब 7.8 प्रतिशत, मई में 27.2 प्रतिशत और जून में 22.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
इन तीन महीनों में कुल उत्पादन लगभग 3,601.4 मिलियन यूनिट रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 4,658.2 मिलियन यूनिट था।
जुलाई-अगस्त में तेज हवाओं ने बढ़ाया उत्पादन
जुलाई से पवन ऊर्जा उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। इस महीने राज्य में करीब 3,401 मिलियन यूनिट बिजली पैदा हुई, जबकि पिछले साल जुलाई में उत्पादन 3,045 मिलियन यूनिट था। यानी सालाना आधार पर लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
अगस्त में यह बढ़ोतरी और तेज हो गई। इस महीने पवन ऊर्जा उत्पादन करीब 3,444 मिलियन यूनिट पहुंच गया, जो पिछले साल अगस्त के 2,408 मिलियन यूनिट से लगभग 43 प्रतिशत ज्यादा है।
जुलाई के दौरान कई दिनों में रोजाना पवन ऊर्जा उत्पादन 100 मिलियन यूनिट के पार रहा। अगस्त में भी उत्पादन का स्तर मजबूत बना रहा। महीने के दौरान दैनिक उत्पादन 142.430 मिलियन यूनिट तक पहुंच गया, जो पिछले साल अगस्त में दर्ज 123.8 मिलियन यूनिट के उच्चतम दैनिक उत्पादन से अधिक है।
दो महीनों में 25 फीसदी से ज्यादा बढ़ा उत्पादन
जुलाई और अगस्त को मिलाकर इस साल तमिलनाडु में करीब 6,845 मिलियन यूनिट पवन ऊर्जा का उत्पादन हुआ। पिछले साल इन्हीं दो महीनों में यह आंकड़ा 5,453 मिलियन यूनिट था। यानी दो महीने की अवधि में उत्पादन में लगभग 25.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इस तेज बढ़ोतरी का सीधा असर पांच महीने के कुल आंकड़े पर पड़ा और कमजोर शुरुआत के बावजूद राज्य का संचयी पवन ऊर्जा उत्पादन पिछले साल की समान अवधि से आगे निकल गया।
नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों ने मांगी नई नीति
इस बीच नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों ने तमिलनाडु ग्रीन एनर्जी कॉर्पोरेशन से ऐसी नीति तैयार करने की मांग की है, जिससे राज्य में नई पवन और सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने की प्रक्रिया आसान हो सके।
कंपनियों का कहना है कि बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए अलग नीति को अंतिम रूप दिए जाने तक नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार को रोकना उचित नहीं होगा। उद्योग से जुड़े लोगों के मुताबिक, स्पष्ट नीति और बेहतर ढांचा तमिलनाडु में अक्षय ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ बिजली ग्रिड में ग्रीन एनर्जी की हिस्सेदारी मजबूत करने में मदद कर सकता है।
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