डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर देश ने किया नमन, नेताओं ने याद किया श्वेत क्रांति में योगदान
श्वेत क्रांति के जनक और ‘मिल्कमैन ऑफ इंडिया’ डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्रियों और कई मुख्यमंत्रियों समेत नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। ऑपरेशन फ्लड और सहकारी डेयरी मॉडल के जरिए उन्होंने भारत के दुग्ध क्षेत्र को नई दिशा दी।
नई दिल्ली: भारत में श्वेत क्रांति के जनक और ‘मिल्कमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध डॉ. वर्गीज कुरियन की पुण्यतिथि पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और कई जनप्रतिनिधियों ने उनके योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए डॉ. कुरियन को श्रद्धांजलि दी और उन्हें भारत की श्वेत क्रांति का जनक बताया।
केंद्रीय मंत्री एवं उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी डॉ. कुरियन को याद किया। उन्होंने कहा कि उनकी दूरदृष्टि और मेहनत ने भारतीय डेयरी क्षेत्र को नई दिशा दी और लाखों दुग्ध उत्पादकों के लिए आर्थिक अवसर पैदा किए।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने डॉ. कुरियन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश को दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और किसानों को मजबूत करने में उनका योगदान ऐतिहासिक रहा है।
सांसद एवं अभिनेता रवि किशन ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने डॉ. कुरियन को सहकारिता आंदोलन का महानायक बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में शुरू हुई श्वेत क्रांति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी डॉ. कुरियन के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि सहकारिता के माध्यम से किसानों और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में डॉ. कुरियन की भूमिका ऐतिहासिक रही।
भारत की डेयरी क्रांति में अहम भूमिका
26 सितंबर 1921 को जन्मे डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत की श्वेत क्रांति का जनक कहा जाता है। उन्होंने देश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
गुजरात के आणंद में उन्होंने कैरा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ के विकास में अहम योगदान दिया। यही सहकारी मॉडल आगे चलकर अमूल की पहचान बना और देश के डेयरी क्षेत्र में सहकारिता का मजबूत उदाहरण स्थापित हुआ।
ऑपरेशन फ्लड ने बदली तस्वीर
डॉ. कुरियन के नेतृत्व में 1970 में ऑपरेशन फ्लड शुरू किया गया। इसे दुनिया के सबसे बड़े डेयरी विकास कार्यक्रमों में गिना जाता है।
इस अभियान ने दूध उत्पादन, वितरण और सहकारी संस्थाओं के नेटवर्क को मजबूत किया। इसके परिणामस्वरूप भारत ने धीरे-धीरे दूध की कमी वाले देश की स्थिति से बाहर निकलकर दुनिया के प्रमुख दुग्ध उत्पादक देशों में अपनी मजबूत जगह बनाई।
डॉ. कुरियन के प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध उत्पादकों, खासकर महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और सहकारी मॉडल को भी मजबूती मिली।
डॉ. वर्गीज कुरियन का 9 सितंबर 2012 को निधन हुआ था। डेयरी क्षेत्र, किसान सशक्तिकरण और सहकारिता आंदोलन में उनका योगदान आज भी देश के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
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