ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान का अमेरिका-इजराइल को कड़ा संदेश, बोले- दबाव के आगे नहीं झुकेगा ईरान
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका देश दबाव और डराने-धमकाने के आगे नहीं झुकेगा। BRICS Summit में हिस्सा लेने भारत पहुंचे पेजेश्कियान ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व पर जोर दिया।
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान किसी भी तरह की ‘दादागीरी’ और दबाव के सामने आत्मसमर्पण नहीं करेगा। पेजेश्कियान ने जोर देकर कहा कि उनका देश अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
शुक्रवार को आयोजित एक कार्यक्रम में धार्मिक नेताओं, बुद्धिजीवियों, शिक्षाविदों और कारोबारी प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए ईरानी राष्ट्रपति ने क्षेत्र में शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के प्रति प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने विदेशी ताकतों पर ईरानी समाज में मतभेद पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और ऐसी कोशिशों का मुकाबला करने का संकल्प लिया।
दबाव के आगे नहीं झुकने का दावा
पेजेश्कियान ने कहा कि ईरान किसी भी तरह के अत्याचार और डराने-धमकाने के सामने नहीं झुकेगा। उन्होंने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ ईरान के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि यदि तेहरान पर दबाव बनाया जाता है तो उसका जवाब भी दिया जाएगा।
ईरानी राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में अमेरिकी और इजराइली सैन्य कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने दक्षिणी ईरान में एक प्राथमिक स्कूल के पास हुए हमले का जिक्र करते हुए दावा किया कि इसमें बड़ी संख्या में बच्चों की मौत हुई थी।
अस्पताल और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने का आरोप
पेजेश्कियान ने कहा कि सैन्य कार्रवाई के बजाय उनके देश के अस्पतालों, बुनियादी ढांचे और लोगों की आजीविका को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान पर आपूर्ति की कमी का दबाव बनाकर लोगों को झुकाने की कोशिश सफल नहीं होगी।
उन्होंने दावा किया कि ईरानी जनता मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद आत्मसमर्पण नहीं करेगी और देश अपने हितों की रक्षा के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा।
अमेरिका-इजराइल पर लगाए गंभीर आरोप
ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका और इजराइल की मौजूदा रणनीति की तुलना एक ऐसे बेकाबू घोड़े से की, जिस पर लगाम नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की नीतियां दोनों देशों को गंभीर परिणामों की ओर ले जा सकती हैं।
पेजेश्कियान ने अपने संबोधन में विभिन्न देशों और लोगों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी, चीनी, भारतीय और दुनिया के दूसरे देशों के लोगों को एक-दूसरे के साथ रहना होगा।
कार्यक्रम में कई प्रमुख लोग हुए शामिल
शुक्रवार को हुए कार्यक्रम में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अलावा कश्मीरी अलगाववादी नेता मीरवाइज उमर फारूक और पतंजलि आयुर्वेद के सह-संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक आचार्य बालकृष्ण समेत कई अन्य लोग मौजूद रहे।
पेजेश्कियान शुक्रवार सुबह तीन दिवसीय भारत यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचे थे। उनकी यात्रा का प्रमुख उद्देश्य भारत की अध्यक्षता में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेना है।
BRICS Summit के बीच अहम भारत दौरा
ईरानी राष्ट्रपति का भारत दौरा ऐसे समय हुआ है जब नई दिल्ली में BRICS का 18वां शिखर सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन में वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के साथ-साथ आर्थिक, राजनीतिक और रणनीतिक सहयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा हो रही है।
ऐसे में पेजेश्कियान की भारत यात्रा को पश्चिम एशिया की मौजूदा परिस्थितियों और BRICS के व्यापक एजेंडे के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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